अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष के अवसर पर कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी, योगदान और उनकी बढ़ती भूमिका को लेकर नूरपुर विकास खंड की सुजंता पंचायत के घुलियाना गांव में महिला किसानों के साथ विशेष चर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत स्थापित प्राकृतिक खेती क्लस्टर में किया गया, जिसमें महिला किसानों के साथ चर्चा की गई। कार्यक्रम में परियोजना निदेशक आतमा, जिला कांगड़ा, डॉ. शशि पाल अत्री, खंड तकनीकी प्रबंधक नूरपुर हरजीत सिंह तथा सहायक तकनीकी प्रबंधक मनीष जमवाल ने महिला किसानों के साथ कृषि क्षेत्र में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर संवाद किया। इस अवसर पर डॉ. शशि पाल अत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका केवल परिवार की कृषि गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाएं अब कृषि को आजीविका और उद्यम के रूप में अपनाकर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं कृषि के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बना रही हैं तथा अपने परिवार के साथ अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर रही हैं। उन्होंने महिला किसानों को कृषि कार्यों में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने तथा आधुनिक एवं टिकाऊ कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से कृषि क्षेत्र को नई दिशा मिल सकती है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान है। घुलियाना गांव में राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत बनाए गए इस क्लस्टर में 129 किसान जुड़े हुए हैं और करीब 50 हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती की जा रही है। इस दौरान महिला किसानों को प्राकृतिक खेती से जुड़ने और कृषि गतिविधियों में आगे आने के लिए प्रोत्साहित किया गया। डॉ. अत्री ने बताया कि ।ज्ड। परियोजना के तहत महिला किसानों को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है। महिला किसानों के ज्ञान एवं कौशल को बढ़ाने के लिए उन्हें प्रशिक्षण कार्यक्रमों के साथ-साथ एक्सपोजर विजिट भी करवाए जा रहे हैं, ताकि वे विभिन्न क्षेत्रों में अपनाई जा रही सफल कृषि तकनीकों एवं मॉडलों को प्रत्यक्ष रूप से देख और समझ सकें। इस अवसर पर बीटीएम नूरपुर हरजीत सिंह ने भी कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका पर जानकारी साझा की। उन्होंने विकास खंड की उन्नत महिला किसानों के उदाहरण देते हुए बताया कि महिलाएं खेती में नई तकनीकों को अपनाकर बेहतर कार्य कर रही हैं और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं। उन्होंने कहा कि महिला किसानों के अनुभवों को सामने लाने और अन्य किसानों तक पहुंचाने से कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को और बढ़ावा दिया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान महिला किसानों ने भी कृषि से जुड़े अपने अनुभव साझा किए और प्राकृतिक खेती सहित विभिन्न कृषि गतिविधियों में अपनी भागीदारी को और बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को कृषि क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उन्हें तकनीकी जानकारी, प्रशिक्षण और सफल कृषि मॉडलों से जोड़ना रहा। Post navigation Himachal’s Seed Villages Model for Climate-Resilient Natural Farming