कुल्लू, किन्नौर और चंडीगढ़ के लिए मिलेगी हवाई यात्रा की सुविधा शिमला। शिमला के संजौली हेलीपोर्ट से हेलीकॉप्टर सेवाओं की शुरुआत कर दी गई है। इन सेवाओं के तहत संजौली से कुल्लू जिले के भुंतर हवाई अड्डे और किन्नौर जिले के रिकांगपिओ (आईटीबीपी हेलीपैड) के लिए रोजाना उड़ानें संचालित होंगी। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने हेलीपोर्ट से सेवाओं का उद्घाटन किया। इसके अलावा चंडीगढ़ और संजौली के बीच सप्ताह में तीन दिन—सोमवार, शुक्रवार और शनिवार—हेलीकॉप्टर सेवाएं उपलब्ध होंगी। निर्धारित किराए के अनुसार संजौली से कुल्लू के लिए 3,500 रुपये, संजौली से रिकांगपिओ के लिए 4,000 रुपये और संजौली से चंडीगढ़ के लिए 3,169 रुपये प्रति यात्री किराया तय किया गया है। अधिकारियों के अनुसार आने वाले समय में संजौली–रामपुर–रिकांगपिओ और संजौली–मनाली (सासे हेलीपैड) रूट पर भी सेवाएं शुरू करने का प्रस्ताव डीजीसीए को भेजा गया है। उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि हेलीकॉप्टर सेवाओं से यात्रा का समय कम होगा और पर्यटन व आपातकालीन सेवाओं को लाभ मिल सकता है। संजौली हेलीपोर्ट आईजीएमसी अस्पताल के पास स्थित है, जिससे मेडिकल इमरजेंसी में हवाई परिवहन की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। संजौली हेलीपोर्ट का शिलान्यास 13 सितंबर 2017 को किया गया था और इसका निर्माण लगभग 15.86 करोड़ रुपये की लागत से हुआ। हेलीपोर्ट का उद्घाटन जनवरी 2022 में हो गया था, लेकिन नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) से अनुमति न मिलने के कारण सेवाएं शुरू नहीं हो पाईं। राज्य सरकार के अनुसार 7 अगस्त 2025 को उड़ानों की मंजूरी मिलने के बाद अब सेवाओं का संचालन शुरू किया गया है। राज्य सरकार का कहना है कि प्रदेश के विभिन्न जिलों और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर हेलीपोर्ट विकसित किए जा रहे हैं। हमीरपुर के जसकोट, कांगड़ा के रक्कड़ और पालमपुर तथा चंबा में निर्माणाधीन हेलीपोर्ट का कार्य आगामी महीनों में पूरा होने का अनुमान है। इस अवसर पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, पर्यटन विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष आर.एस. बाली, विधायक नीरज नैय्यर, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, निदेशक पर्यटन विवेक भाटिया, उपायुक्त अनुपम कश्यप सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।