हिमाचल प्रदेश में 77वें गणतंत्र दिवस का राज्य स्तरीय समारोह शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर आयोजित किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिमला मेहर पंवर के नेतृत्व में आयोजित परेड का निरीक्षण किया। इसके उपरांत 1 जम्मू-कश्मीर के लेफ्टिनेंट शाश्वत तिवारी द्वारा कमांड की गई आकर्षक मार्च पास्ट की सलामी ली गई। समारोह में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू और लेडी गवर्नर जानकी शुक्ला भी उपस्थित रहीं।

मार्च पास्ट में भारतीय सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, सशस्त्र सीमा बल, पंजाब पुलिस, हिमाचल प्रदेश पुलिस, होम गार्ड्स, अग्निशमन सेवाएं, हिमाचल प्रदेश डाक सेवाएं, आपदा प्रबंधन दल, भूतपूर्व सैनिक, राष्ट्रीय कैडेट कोर, राष्ट्रीय सेवा योजना, भारत स्काउट्स एंड गाइड्स सहित विभिन्न टुकड़ियों ने भाग लिया। इन टुकड़ियों ने अनुशासन, एकता और राष्ट्रीय गौरव का शानदार प्रदर्शन किया।

इस अवसर पर राज्यपाल ने शिमला जिला की चौपाल तहसील अंतर्गत चंबी डाकघर के गगाना गांव निवासी रितिक चौहान को जीवन रक्षा में अद्वितीय साहस के लिए उत्तम जीवन रक्षा पदक से सम्मानित किया।

समारोह में विभिन्न सरकारी विभागों की विकासात्मक उपलब्धियों और योजनाओं को दर्शाती रंग-बिरंगी झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह को और भी यादगार बना दिया। उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, पटियाला के कलाकारों ने जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और उत्तराखंड के लोक नृत्यों की प्रस्तुतियां दीं। हिमाचल प्रदेश पुलिस की एकलव्य कला मंच, प्रथम आईआरबीएन बनगढ़, ऊना द्वारा “नशा मुक्त हिमाचल” विषय पर प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक ने मादक पदार्थ चिट्टे के दुष्प्रभावों को प्रभावशाली ढंग से उजागर किया। इसके अतिरिक्त हमीरपुर और शिमला के कलाकारों की प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

समारोह में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, विधायक कुलदीप राठौर, मोहन लाल ब्राक्टा, प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान, शिमला नगर निगम के महापौर सुरिंद्र चौहान, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, उप-महापौर उमा कौशल सहित वरिष्ठ नागरिक, पुलिस एवं सैन्य अधिकारी तथा प्रदेश भर से आए नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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